भीड़ हिंसा यानी मॉब लिंचिंग आज के समाज के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है। सोशल मीडिया पर फैलतीं अफवाहें इसे और हवा देती हैं। झूठे समाचार पर आक्रोशित लोगों की भावनाएं इस कदर उद्वेलित हो जाती हैं वह किसी की जान लेने में भी नहीं हिचकते। वस्तुत: ऐसी घटनाओं का एक सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं। हाल में ही केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया था कि वह लोगों को बताएं भीड़ हिंसा पर गंभीर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस मुद्दे पर ऑनलाइन पोल में सवाल पूछा था कि 'क्या केंद्र सरकार के कड़े संदेश के बाद राज्य सरकारें भीड़ हिंसा रोकने की व्यवस्था करेंगी?' इस सवाल पर लगभग 48 प्रतिशत लोगों का मानना है कि राज्य सरकारें भीड़ हिंसा रोकने की कवायद करेंगीं। वहीं, लगभग 52 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।