मानसून सीजन में अब तक बाढ़ और बारिश से 6 राज्यों में 546 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एनईआरसी) के मुताबिक, महाराष्ट्र में 139, केरल में 126, पश्चिम बंगाल में 116, गुजरात में 52, यूपी 79 और असम में 34 लोगों की जान गई है।
एनईआरसी के अनुसार, महाराष्ट्र के 26 जिलों, पश्चिम बंगाल के 22, असम के 21, केरल के 14 और गुजरात के 10 जिले बाढ़ और बारिश से प्रभावित हैं। असम में 10.17 लाख लोग बाढ़ और भारी बारिश का खामियाजा भुगत रहे हैं। इनमें से 2.17 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। एनडीआरएफ की 12 टीमें राज्य में राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। हर टीम में 45 लोग शामिल हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या हमारे देश में प्राकृतिक आपदाओं से जनता की रक्षा के लिए कोई ठोस योजना है?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2850 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 21.26 फीसदी (606 वोट) पाठकों ने माना कि हमारे देश में प्राकृतिक आपदाओं से जनता की रक्षा के लिए कोई ठोस योजना है। जबकि 78.74 फीसदी (2244 वोट) पाठकों ने माना कि हमारे देश में प्राकृतिक आपदाओं से जनता की रक्षा के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।