नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि वह निजी क्षेत्र में आरक्षण दिए जाने के खिलाफ हैं। कई राजनेता की ओर से निजी क्षेत्र में एससी-एसटी को आरक्षण देने की मांग करने के सवाल पर उन्होंने यह बयान दिया।
निजी क्षेत्र की नौकरियों में कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए। उन्होंने माना कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। सरकार हर साल 10-12 लाख लोगों को ही रोजगार दे पा रही है जबकि प्रत्येक वर्ष रोजगार चाहने वालों की संख्या करीब 60 लाख है।
मालूम हो कि कई पार्टियों के नेता अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग करते रहे हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आप नीति आयोग के उपाध्यक्ष के इस बयान से सहमत हैं कि निजी क्षेत्र में आरक्षण नहीं होना चाहिए?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 10054 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 75.41 फीसदी यानि 7582 पाठकों ने माना कि निजी क्षेत्र में आरक्षण नहीं होना चाहिए। जबकि 22.95 पाठकों यानि 2307 फीसदी पाठक उपरोक्त सवाल से सहमत नहीं हुए। वहीं, 165 फीसदी यानि 1.64 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।