इस बार नक्सलियों पर चौतरफा हमला होगा। 2019 से पहले नक्सल उग्रवादियों को खत्म करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। लड़ाई के मैदान में केवल सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि कई दूसरी एजेंसियां एनआईए (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी), ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आईबी भी सक्रिय तौर पर शामिल हो रही है।
इस बाबत शुक्रवार को रांची में एक महत्चपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ पुलिस के बड़े अफसर भाग ले रहे हैं। बैठक में एनआईए, ईडी और सीआरपीएफ की विशेष इकाई 'कोबरा' के कमांडर भी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर यह बैठक बुलाई गई है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आईबी और एनआईए के शामिल होने के बाद नक्सली घटनाओं में कमी आएगी?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2158 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 72.2 फीसदी (1558 वोट) पाठकों ने माना कि आईबी और एनआईए के शामिल होने के बाद नक्सली घटनाओं में कमी आएगी। जबकि 27.8 फीसदी (600 वोट) पाठकों ने माना कि आईबी और एनआईए के शामिल होने के बाद नक्सली घटनाओं में कमी नहीं आएगी।