चुनाव आयोग 17वीं लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर चुका है। आयोग के मुताबिक, इस बार के चुनाव सात चरणों में संपन्न होंगे। चुनाव की तारीखों के एलान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। माना जा रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद, बेरोजगारी, किसान, राफेल और नोटबंदी चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'लोकसभा चुनाव 2019 में सबसे बड़ा मुद्दा क्या हो सकता है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 7775 वोट मिले। इनमें 46.1 फीसदी (3584 वोट) पाठकों ने माना कि 2019 लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद सबसे बड़ा मुद्दा हो सकता है, जबकि 33.13 फीसदी (2576 वोट) पाठकों ने कहा कि इस बार के लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बन सकती है। इसके अलावा 9.81 (763 वोट) पाठकों ने कहा कि किसान चुनावी मुद्दा होंगे। वहीं 7.05 (548 वोट) पाठकों ने माना कि राफेल मामला चुनाव में मुद्दा बन सकता है, जबकि 3.91 (304 वोट) पाठकों ने कहा कि नोटबंदी चुनावी मुद्दा बना सकती है।