चुनाव होते हैं, जनप्रतिनिधि के रूप में सांसद चुने जाते हैं। इन सांसदों की जिम्मेदारी होती है कि वह लोकसभा में सवाल पूछें, अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं और सुझावों को रखें और उनका समाधान करवाएं। लेकिन, कई सांसद ऐसे भी होते हैं जो लोकसभा तो पहुंचते हैं लेकिन न तो कोई सवाल पूछते हैं और न ही अपना कोई सुझाव रखते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि क्या लोकसभा में सवाल न पूछने वाले सांसदों को चुनाव में दोबारा टिकट मिलना चाहिए? इसके जवाब में कुल 4890 वोट पड़े। इसमें एकमत से 85.87 फीसद लोगों ने माना कि ऐसे सांसदों को दोबारा टिकट नहीं मिलना चाहिए। वहीं, 14.13 फीसद लोगों ने कहा कि ऐसे सांसदों को दोबारा टिकट मिलना चाहिए।