एक तरफ जनता बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में लगकर कैश के लिए तरस रही है वहीं दूसरी तरफ नोटबंदी पर वह सरकार के नए-नए निर्देशों का भी सामना कर रही है। आए दिन गाइडलाइन जारी कर बताया जा रहा है कि पुराने नोट कहां-कहां चलेंगे और बैंक से कितना कैश निकाल सकते हैं। हाल ही में सरकार ने ऐलान किया था कि पुराने नोट अस्पताल और पेट्रोल पंपों पर 15 दिसंबर चलेंगे। लेकिन सरकार ने फैसला बदलते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों पर 500 के पुराने नोट 2 दिसंबर तक ही चलेंगे।
नोटबंदी के बाद सरकार के निरंतर बदलते फैसलों पर अमर उजाला ने पोल कराकर जनता की राय लेनी चाही। अमर उजाला ने पोल में सवाल पूछा कि क्या पुराने नोटों को लेकर बार-बार नियम बदला जाना सही है?
इस पर पाठकों ने बढ़चढ़कर प्रतिक्रियाएं दीं। कुल 9,038 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। सबसे अधिक 50.86 फीसदी यानि 4,597 पाठकों का मानना है कि सरकार को अपने एक फैसले पर टिके रहना चाहिए, क्योंकि बार-बार बदलाव से खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 46.97 फीसदी यानि 4,245 पाठकों का मानना है कि सरकार का पुराने नोटों को लेकर नियम में बदलाव करना सही है। वहीं, 2.17 फीसदी यानि 196 पाठकों ने कहा कि वे बता नहीं सकते कि सरकार सही कर रही है या नहीं।