शीतकालीन सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ जाने के बाद अब मोदी सरकार की नजर आम बजट पर है। मोदी सरकार एक फरवरी को यह बजट पेश करेगी जिसके लिए संसद सत्र 31 जनवरी से शुरू हो जाएगा। लेकिन विपक्ष ने 1 फरवरी को बजट पेश करना जल्दबाजी और चुनावी फायदा बता रहा है।
कांग्रेस समेत 16 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को पत्र लिख कहा है कि अगर बजट तय वक्त से पहले पेश हुआ तो बीजेपी इसे आगामी विधानसभा चुनावों में भुनाने का प्रयास करेगी। अब ऐसे में समय से पहले बजट आने पर सरकार और विपक्ष में एक और टकराहट देखने को मिल सकती है।
विपक्ष के विरोध के बाद यह सामने आ रहा है कि बजट पेश करना एक चुनावी एजेंडा तो नहीं है। इस पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पोल किया। ऑनलाइन पोल में पाठकों से सवाल सवाल पूछा, 'क्या समय से पहले आम बजट पेश कर मोदी सरकार चुनावी फायदा उठाना चाहती है?'
पोल में कुल 10,012 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 59.47 फीसदी यानि 5,954 पाठकों ने माना कि हां बजट समय से पहले पेश करके मोदी सरकार चुनावी फायदा उठाना चाहती है। 38.35 फीसदी यानि 3,840 पाठकों के मुताबिक सरकार अपना काम कर रही है और उसका चुनावी फायदे से कोई लेना देना नहीं है। वहीं 2.18 फीसदी यानि 218 पाठकों ने कुछ कह नहीं सकते विकल्प को चुना।