प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर सबूत मांगने के लिए बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कड़ा विरोध किया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'माननीय केजरीवाल जी, आपको पता होना चाहिए कि आज आप पाकिस्तानी मीडिया की 'हेडलाइन' हो, राजनीति अपनी जगह है, लेकिन ऐसा कुछ न करिए जिसकी वजह से आर्मी अपमानित महसूस करे।'
वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, 'जब पूरा देश एकजुट है, एक मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसा कहा जिसकी वजह से पाकिस्तान और उसकी आर्मी सवाल उठा रहे हैं।' इतना ही नहीं रविशंकर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी स्पष्टीकरण भी मांगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष बताएं कि क्या चिदंबरम की लाइन ही कांग्रेस की लाइन है?
केजरीवाल के सवाल करने के बाद अमर उजाला डॉट कॉम से सवाल कर उनकी राय जानने की कोशिश की। सवाल किया गया कि क्या सरकार को सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सबूत सार्वजनिक करने चाहिए? इसमें पाठकों को तीन विकल्प दिए गए पहला हां, दूसरा नहीं और तीसरा कुछ कह नहीं सकते। पोल में कुल 10,038 पाठकों ने हिस्सा लिया।
चौंका देने वाली बात है कि इसमें सबसे अधिक 72.60 फीसद यानी 7,288 पाठकों ने दूसरे विकल्प को चुना है। इनका मानना है कि सरकार को सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सबूत सार्वजनिक नहीं करने चाहिए। 25.89 फीसद यानी 2,599 पाठकों ने पहले विकल्प हां को चुना है, जबकि 1.50 फीसद यानी 151 पाठकों ने कुछ कह नहीं सकते के विकल्प को चुना।