लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिशें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर हैं। वह एक के बाद एक नेताओं से मिल रही हैं। लोकसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे की कवायद में जुटी ममता बनर्जी पिछले कुछ दिनों में कई नेताओं से मिल चुकी हैं। उनकी यह मुलाकातें 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तीसरा मोर्चा तैयार करने की रणनीति का ही हिस्सा माना जा रहा है।
ममता बनर्जी मंगलवार को एनसीपी के मुखिया शरद पवार, शिवसेना सांसद संजय राउत और लालू यादव की पुत्री और आरजेडी से राज्यसभा सांसद मीसा भारती सहित 10 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। जब ममता से इन मुलाकातों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बहुत ही चुटीले अंदाज में कहा कि जब राजनीति के लोग मिलते हैं तो वह राजनीति पर ही बातें करते हैं। इसमें छुपाने वाला कुछ भी नहीं है। उन्होंने बातों- बातों में लोगों को यह बता दिया कि 2019 का लोकसभा चुनाव मजेदार होने वाला है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या तीसरा मोर्चा बनाने में कामयाब हो पाएंगी ममता?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,072 वोट मिले। इनमें 35.51 फीसदी (1,091 वोट) पाठकों ने माना कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तीसरा मोर्चा बनाने में कामयाब हो पाएंगी, जबकि 64.49 फीसदी (1,981 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि ममता बनर्जी तीसरा मोर्चा बनाने में कामयाब नहीं हो पाएंगी।