उत्तर प्रदेश के चुनावी दंगल में सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने में लगी हुई हैं। इस बीच पार्टियों के बड़े नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब मोदी, माया, राहुल और अखिलेश ने लगातार रैलियां की। जहां पीएम मोदी ने अपनी रैली में माया और अखिलेश पर निशाना साधा, तो वहीं माया सुल्तानपुर में अपने वोटरों को लुभाती हुईं दिखी। इतना ही नहीं माया ने पीएम मोदी को दलित विरोध तक कह डाला।
वहीं यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुजरात सरकार के विज्ञापन पर हमला बोला और पीएम मोदी की खिंचाई की। कुल मिलाकर एक दूसरे पर जुबानी हमला करने में कोई पीछे नहीं रहा और इनके चुनावी भाषण से असल मुद्दे गायब रहे। इसी पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पोल किया। इस ऑनलाइन पोल में सवाल पूछा, क्या राजनेताओं की जुमलेबाजी के चक्कर में असल मुद्दे पीछे छूट रहे हैं?
पहले दिन कुल 9,156 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। सबसे अधिक 93.38 फीसदी (8,550) पाठकों ने जवाब दिया कि हां आपसी जुमलेबाजी की वजह से असल मद्दे पीछे छूट रहे हैं। 5.22 फीसदी (478) पाठकों की नजर में पार्टियां की जुलमेबाजियों के साथ-साथ असल मुद्दों पर भी ध्यान दे रही हैं। वहीं 1.40 फीसदी (128 ) पाठकों ने जवाब देने में असमर्थता जताई।