पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी में खुशी लहर दौड़ गई है। पूर्वोत्तर में पहली एतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि तीनों राज्यों में जीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जीत है।
शाह ने कहा कि 'त्रिपुरा में 20 आदिवासी सीटों पर हमें जीत हासिल हुई। लेफ्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं।'
वहीं त्रिपुरा में कांग्रेस और सीपीआई(एम) का प्रदर्शन बेहद निराशजनक रहा है। सीपीआई(एम) के पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'त्रिपुरा में मिली हार के बाद क्या वामदलों और कांग्रेस को आत्म-मंथन की जरूरत है?'
सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 2370 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 78.27 फीसदी (1855 वोट) ने माना कि त्रिपुरा में मिली हार के बाद वामदलों और कांग्रेस को आत्म-मंथन की जरूरत है। जबकि 21.73 फीसदी (515) पाठकों ने माना कि त्रिपुरा में मिली हार के बाद वामदलों और कांग्रेस को आत्म-मंथन की जरूरत नहीं है।