तीन तलाक के खिलाफ मोदी सरकार आगामी शीत सत्र में कानून ला सकती है। तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए मंत्रियों की एक समिति का गठन किया गया है और सरकार आगामी सत्र में इस कानून को लाने का प्रस्ताव दे सकती है।
पढ़ें: पद्मावती: आजम बोले- मुसलमान बड़े दिल वाले, इसलिए नहीं किया मुगल-ए-आजम का विरोध
तीन तलाक की सुनवाई करते हुए अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ के तीन जजों ने इसे असंवैधानिक बताया था। तत्कालीन चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा था कि इस मुद्दे पर संसद और केंद्र सरकार सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है और उन्हें इस पर कानून बनाना चाहिए।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा, क्या आप मानते हैं कि तीन तलाक पर कानून बनने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पढ़ें: दिल्ली मेें किसान मुक्ति संसद ने भरी हुंकार, देश भर के करीब 180 किसान संगठन हुए शामिल
कुल 8449 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 61.57 फीसदी (5202 वोट) लोगों ने 'हां' में जवाब दिया। यानि ये लोग मानते हैं कि तीन तलाक पर कानून बनने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी। जबकि 34.35 फीसदी पाठकों (2902 वोट) ने 'नहीं' में जवाब दिया। ये लोग मानते हैं कि तीन तलाक पर कानून बनने से यह समस्या जड़ से खत्म नहीं होगी। वहीं 4.08 फीसदी (345 वोट) पाठकों ने 'कह नहीं सकते' विकल्प को चुना।