जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके में 7 मई को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के दौरान तमिलनाडु का एक पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल पर्यटक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पर्यटक की मौत को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ‘मानवता की हत्या’ करार दिया। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दिल दहलाने वाली है जो कश्मीर के आतिथ्य परंपरा और मेहमानों के प्रति सम्मान के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री मुफ्ती ने कहा कि यह घटना कश्मीर की सांस्कृतिक मूल्य प्रणाली पर एक धब्बा और यहां की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि एक मां अपनी अगली पीढ़ी को शिक्षित करती हैं। लेकिन हम अपने बच्चों को क्या सिखा रहे हैं.. यही कि पत्थर उठाने और सड़क पर चलने वाले किसी को भी मार देना।
हमारा धर्म हमें अपने मेहमानों की देखभाल और स्वागत करना सिखाता है। ये लोग या लड़के जो किसी को मारने के लिए पत्थर उठाते हैं, उनके पास कोई धर्म नहीं होता है। महबूबा ने कहा कि क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक गरीब पिता ने अपने परिवार को कश्मीर में घुमाने के लिए अपनी पूरी बचत रखी थी और अब वह अपने बेटे के ताबूत के साथ लौट रहा है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या जम्मू-कश्मीर में पर्यटक की हत्या का असर राज्य के पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,959 वोट मिले। इनमें 90.03 फीसदी (2,664 वोट) पाठकों ने माना कि जम्मू-कश्मीर में हुई चेन्नई के पर्यटक की हत्या का असर राज्य के पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा, जबकि 9.97 फीसदी (295 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुई पर्यटक की हत्या का असर राज्य के पर्यटन उद्योग पर नहीं पड़ेगा।