जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खात्मे को चलाए जाने वाले ऑपरेशन आलआउट पर डीजीपी एस. पी. वैद के बाद सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बयान दिया है। सेना प्रमुख ने संवाददाताओं से बातचीत में यह साफ किया कि राज्यपाल शासन से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सेना के काम पर कोई राजनीतिक दखल नहीं दिया जा रहा है। हमनें केवल रमजान के दौरान (जम्मू-कश्मीर में) ऑपरेशन बंद किया था। लेकिन हमने देखा कि क्या हुआ? इससे पहले, इसी संबंध में डीजीपी एस. पी. वैद ने कहा कि आने वाले दिनों में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज होगा।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या राज्यपाल शासन के जरिये कश्मीर समस्या का हल निकाला जा सकता है?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 4207 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 69.88 फीसदी (2940 वोट) पाठकों ने माना कि राज्यपाल शासन के जरिये कश्मीर समस्या का हल निकाला जा सकता है। जबकि 30.12 फीसदी (1267 वोट) पाठकों ने माना कि राज्यपाल शासन के जरिये कश्मीर समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता।