प्रद्मुम्न केस में जुवेनाइल बोर्ड ने कहा कि नाबालिग आरोपी छात्र पर बालिग की तरह केस चलेगा। माना जा रहा है कि बोर्ड ने ऐसा बच्चों में बढ़ती अपराध की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए किया है।
अदालत के इस फैसले से अब यह स्पष्ट हो गया है कि आरोपी पर अब एक वयस्क की तरह केस चलेगा और सजा भी उन्हीं धाराओं में मिलेगी। आरोपी की हिरासत की मियाद 22 दिसंबर को पूरी हो रही है और उसी दिन उसे सेशन कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब उसका केस जुवेनाइल कोर्ट की बजाय सेशन कोर्ट में चलेगा।
बता दें कि प्रद्युम्न हत्याकांड में मामले की जांच करने के बाद सीबीआई ने 7 नवंबर को स्कूल के ही 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिया था।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आप मानते हैं कि जुवेनाइल बोर्ड का यह फैसला बच्चों में बढ़ती अपराध की प्रवृत्ति पर रोक लगा सकेगा'? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 8443 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 80.07 फीसदी (6760 वोट) ने माना कि यह फैसला बच्चों में बढ़ती अपराध की प्रवृत्ति पर रोक लगा सकेगा। जबकि 15.8 फीसदी पाठकों (1334 वोट) ने माना ऐसा नहीं है। वहीं, 4.13 फीसदी (349 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।