एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सवर्ण संगठनों के बृहस्पतिवार को बुलाए बंद का मिलाजुला असर दिखा। बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश में दुकानें, स्कूल-कॉलेज और पेट्रोल पंप बंद रहे। साथ ही इन राज्यों में कई स्थानों पर हाईवे पर जाम लगाया गया और ट्रेनें रोकी गईं और हिंसा की छिटपुट घटनाएं भी हुईं।
हालांकि अन्य राज्यों में बंद खास प्रभावी नहीं रहा। बिहार के पटना में प्रदर्शनकारियों ने राजेंद्र नगर टर्मिनल पर धावा बोला जिससे 30 मिनट तक ट्रेनों का संचालन बंद रहा। ऐसे ही स्थिति राजगीर में भी दिखी।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या अपनी मांगों के लिए भारत बंद करना सही है?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 5951 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 47.47 फीसदी (2825 वोट) पाठकों ने माना कि अपनी मांगों के लिए भारत बंद करना सही है। जबकि 52.53 फीसदी (3126 वोट) पाठकों ने माना कि अपनी मांगों के लिए भारत बंद करना सही नहीं।