सीबीआई की छापेमारी के बाद यूपी के हमीरपुर जिले में मौरंग खनन कारोबार से जुड़े कारोबारियों में दहशत का माहौल है। रविवार को भी सीबीआई के जिले में होने की चर्चाएं रहीं। देखा जाए तो बसपा और सपा सरकार में 10 सालों में खनन में जमकर खेल हुआ है। इस बीच राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का कहीं न कहीं सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से मौरंग के कारोबार से जुड़े होने में नाम सामने आए हैं।
सपा एमएलसी, उनके भाई दिनेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित और उनके पिता सत्यदेव दीक्षित व रामऔतार सिंह एवं जालौन के करन सिंह, खनिज अधिकारी रहे मोईनुद्दीन सहित तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला के खिलाफ सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या राजनीतिक मिलीभगत के बगैर देश में अवैध खनन और भ्रष्टाचार करना संभव है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2982 वोट मिले। इनमें 21.7 फीसदी (647 वोट) पाठकों ने माना कि राजनीतिक मिलीभगत के बगैर देश में अवैध खनन और भ्रष्टाचार करना संभव है। जबकि 78.3 फीसदी (2335 वोट) पाठकों ने माना कि राजनीतिक मिलीभगत के बगैर देश में अवैध खनन और भ्रष्टाचार करना संभव नहीं है।