कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भागवत का बयान देश के हर नागरिक का अपमान है, क्योंकि यह लोगों का अपमान है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी है।
राहुल ने कहा कि भागवत का बयान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है यह हर उस जवान को अपमानित करता है जिसने कभी भी इसे सलाम किया है। राहुल ने भागवत की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हमारे देश के शहीदों और सेना का अपमान करने की वजह से भागवत जी आपको शर्म आनी चाहिए।
वहीं केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि मोहन भागवत जी ने कहा है कि एक आम नागरिक को सेना के जवान की तरह तैयार होने में 6-7 महीने लग जाएंगे, लेकिन आरएसएस कार्यकर्ताओं को कम समय लगेगा। संविधान इजाजत देगा तो संघ के कार्यकर्ता सेना का सहयोग करने के लिए तैयार है।
रिजिजू ने दूसरे ट्वीट में लिखा कि सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत किसने मांगे थे। सेना के मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या भारतीय सेना को लेकर राजनीति करना उचित है?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3196 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 9.54 फीसदी (305 वोट) ने माना कि सेना को लेकर राजनीति करना सही। जबकि 90.46 फीसदी (2891) पाठकों ने माना कि सेना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।