पाकिस्तान में हुए हालिया चुनावों के बाद इमरान खान 11 अगस्त को प्रधानमंत्री पद पर शपथ ग्रहण की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्यौता भेजे जाने की भी सुगबुगाहट थी। लेकिन इमरान की ताजपोशी में किसी भी विदेशी नेता को न्योता नहीं दिया गया है।
वहीं पीएम मोदी ने फोन पर इमरान को बधाई संदेश दिया और उधर से भी सकारात्मक जवाब मिला। लेकिन पिछले चार साल में पठानकोट आतंकी हमले और खासतौर पर अगस्त 2016 में सार्क देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन में राजनाथ के साथ हुए व्यवहार के बाद दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या इमरान के प्रधानमंत्री बनने से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलेगी?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 4110 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 26.52 फीसदी (1090 वोट) पाठकों ने माना कि इमरान के प्रधानमंत्री बनने से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलेगी। जबकि 73.48 फीसदी (3020 वोट) पाठकों ने माना कि इमरान के प्रधानमंत्री बनने से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर जमी बर्फ नहीं पिघलेगी।