बढ़ती आधुनिकता और तकनीक पर निर्भरता में हम अनजाने में ही सही लेकिन प्रकृति के साथ एसा खिलवाड़ कर रहे हैं जिसका खामियाजा मूक पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों को उठाना पड़ रहा है। एक जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 10 लाख पौधों-जीवों की प्रजातियां खतरे में हैं। यही नहीं, न जाने कितनी प्रजातियां पहले ही विलुप्त हो चुकी हैं। इसका कारण जानना और उसका समाधान करना बेहद जरूरी है।