बढ़ती आधुनिकता और तकनीक पर निर्भरता में हम अनजाने में ही सही लेकिन प्रकृति के साथ एसा खिलवाड़ कर रहे हैं जिसका खामियाजा मूक पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों को उठाना पड़ रहा है। एक जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 10 लाख पौधों-जीवों की प्रजातियां खतरे में हैं। यही नहीं, न जाने कितनी प्रजातियां पहले ही विलुप्त हो चुकी हैं। इसका कारण जानना और उसका समाधान करना बेहद जरूरी है।
इसी को लेकर अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि क्या आप भी मानते हैं, इंसानों के कारण पौधों-जीवों की 10 लाख प्रजातियां खतरे में हैं? इसके जवाब में कुल 4471 वोट पड़े। इनमें से 93.51 फीसदी लोगों ने एक मत से माना कि पौधों-जीवों की 10 लाख प्रजातियों के खतरे में होने का मुख्य कारण इंसान है। वहीं, 6.49 फीसदी लोगों का कहना है कि इंसान इसका कारण नहीं हैं।