मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद की नजरबंदी को पाकिस्तान की एक अदालत ने खत्म कर दिया। जनवरी से नजरबंद हाफिज को यह राहत पंजाब प्रांत की एक न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने दी है।
हाफिज की नजरबंदी अवधि को और तीन माह तक बढ़ाने की सरकार की याचिका को खारिज करते हुए बोर्ड ने उसकी रिहाई का आदेश दे दिया। बोर्ड ने कहा, 'पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया गया है कि यदि हाफिज किसी अन्य केस में वांछित नहीं है तो उसे रिहा किया जाए।'
पाकिस्तान के इस कदम की भर्त्सना पूरी दुनिया में हो रही है। अमेरिका ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है। गौरतलब है कि अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डालर का इनाम रखा है। जेयूडी को प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा का संचालन करने वाला संगठन समझा जाता है। लश्कर-ए-ताइबा ने ही 2008 में मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले को अंजाम दिया था।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या पाकिस्तान के हाफिज सईद को नजरबंदी से आजाद करके यह साबित कर दिया कि वो आतंकियों का सहयोगी है? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 7376 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 89.91 फीसदी (6632 वोट) ने माना पाकिस्तान ने साबित कर दिया वो आतंकियों का सहयोगी है। जबकि 7.99 फीसदी पाठक (589 वोट) लोगों ने कहा कि इससे ऐसा साबित नहीं होता। वहीं, 2.1 फीसदी (155 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।