हाल ही में कैबिनेट ने तीन बैंकों विजया बैंक, देना बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के विलय को मंजूरी दी है। इनके विलय पर मुहर कुछ महीने पहले ही लग गई थी। लोगों और इनके ग्राहकों के मन में यही सवाल है कि क्या इससे सेवा में सुधार आएगा।
अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में पाठकों से सवाल पूछा था, क्या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय से ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी?
पोल के जवाब में हमें कुल 2804 वोट मिले। इनमें 63.45 फीसदी (1802 वोट) पाठकों ने माना कि हां, बैंकों के विलय से ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
वहीं, 36.55 फीसदी (1038 वोट) पाठकों ने माना कि बैंकों के विलय से ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिलेंगी।