नीति आयोग ने पानी की समस्या के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट देकर इस समस्या की गंभीर होती परिस्थिति से देश को सावधान कर महत्वपूर्ण काम किया है। कहा गया है कि 21 प्रमुख नगरों में 2020 तक पानी उपलब्ध नहीं होगा। सबसे प्रमुख और बुनियादी कारण बढ़ती आबादी का प्रकोप है।
बढ़ती आबादी के दबाव में हो रहे अवैध निर्माण से कोई राज्य बचा नहीं है। बढ़ती आबादी के कारण मकानों की जरूरत बढ़ी है और सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार से पूरे देश के सभी स्थानों पर अवैध निर्माण हुए हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या देश के महानगरों में निर्माण और जनसंख्या का बोझ अपने चरम पर पहुंच गया है?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3514 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 91.8 फीसदी (3226 वोट) पाठकों ने माना कि देश के महानगरों में निर्माण और जनसंख्या का बोझ अपने चरम पर पहुंच गया है। जबकि 8.2 फीसदी (288 वोट) पाठकों ने माना कि देश के महानगरों में निर्माण और जनसंख्या का बोझ अपने चरम पर नहीं पहुंचा है।