उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रियंका गांधी वो चेहरा है, जो वोटरों से जोरदार अपील करने के लिए जानी जाती हैं। प्रियंका हर चुनावों में मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के कंधा से कंधा मिलाकर पार्टी के लिए प्रचार करती नजर आती हैं। लोकसभा चुनावों में तो वो रायबरेली और अमेठी में मां और भाई के चुनावों का प्रबंधन खुद ही संभालती हैं, दोनों ही जिलों में कार्यकर्ताओं के बीच उनकी जबरदस्त लोकप्रियता तो है ही प्रियंका का भी यहां से खास लगाव है।
लेकिन 18 सालों में पहली बार देखने को आ रहा है कि विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण चुनावों के बाद भी प्रियंका ने एक बार भी इधर का रुख नहीं किया है। अमेठी रायबरेली को लेकर प्रियंका की बेरुखी कई सवाल खड़े कर रही है।
अब विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की सक्रियता कम दिखने से कई सवाल उठ रहे हैं। इसी पर अमर उजाला ने पोल किया। पोल में सवाल पूछा,'क्या प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार न करने से कांग्रेस को नुकसान होगा?'
पोल में कुल 8,053 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 49.32 फीसदी (3,972) पाठकों की नजर में अगर प्रियंका चुनाव प्रचार नहीं करती है तो पार्टी को नुकसान होगा। 45.90 फीसदी (3,696) पाठकों के मुताबिक प्रियंका का प्रचार न करने के बावजूद पार्टी जीत का पर्चा लेहरा सकती है। वहीं 4.78 फीसदी (385) पाठकों ने पोल में अपना जवाब देने में असमर्थता जताई।