अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाल में पाकिस्तान के प्रति भड़का गुस्सा बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच आर्थिक और रक्षा संबंध मजबूत बनाने में मदद करेगा। पाकिस्तान के ग्वादर में बंदरगाह बना रहा चीन वहां एक और सैन्य बेस हासिल करने के लिए इस्लामाबाद से समझौता सकता है।
चीन की आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की योजना पाकिस्तान के जिवानी में अपना नौसेना बेस बनाने की है। ओमान की खाड़ी में स्थित जिवानी ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास में है। इससे अरब सागर में चीन का प्रभाव बढ़ जाएगा। ज्ञात हो कि ईरान का चाबहार बंदरगाह भारत के निवेश से बन रहा है।
ऐसे में इस बंदरगाह के नजदीक चीन का बेस बनने से भारत के हित भी प्रभावित होंगे। जिवानी विदेशी जमीन पर चीन का दूसरा सैन्य बेस होगा। इससे पहले चीन ने विदेशी जमीन पर अपना पहला सैन्य अड्डा अफ्रीका के जिबोती में बनाया है। वहीं चीन पाकिस्तान में ग्वादर बंदरगाह पहले से बना रहा है, जो जिवानी के पास में ही स्थित है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'कहीं पाकिस्तान पर अमेरिकी सख्ती का फायदा चीन तो नहीं उठा लेगा'? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3279 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 80.24 फीसदी (2631 वोट) ने माना कि पाकिस्तान पर अमेरिकी सख्ती का फायदा चीन उठा लेगा। जबकि 14.12 फीसदी पाठकों (463 वोट) ने चीन ऐसा नहीं कर पाएगा। वहीं, 5.64 फीसदी (185 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।