चुनाव का मौसम अपने चरम पर है। मतदान के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशी जमकर चुनाव प्रतार तो कर ही रहे हैं, ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि वोट के लिए कुछ उम्मीदवार जनता को धमका भी रहे हैं। उम्मीदवारों का ऐसा आचरण लोकतंत्र के लिए तो खतरा है ही, जनता की आवाज को दबाने वाला भी है।
इसी को लेकर अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि क्या वोट के लिए जनता को धमकी देने वाले नेताओं की उम्मीदवारी रद्द होनी चाहिए? इसके जवाब में कुल 5335 वोट पड़े और 94.85 फीसदी लोगों ने एक मत से कहा कि ऐसे नेताओं की उम्मीदवारी समाप्त कर देनी चाहिए। वहीं, 5.15 फीसदी लोगों का कहना है कि वोट के लिए जनता को धमकाने वाले नेताओं की उम्मीदवारी रद्द नहीं करनी चाहिए।