सुप्रीम कोर्ट ने तंबाकू उत्पाद को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना पर सोमवार को रोक लगाने से मना कर दिया। केंद्र ने तंबाकू संबंधित पैकेट्स पर चित्रात्मक चेतावनी देने के संबंध में अधिसूचना जारी की थी। कोर्ट ने सरकार के उस निर्णय पर भी रोक लगाने से मना कर दिया है जिसमें जो लोग तंबाकू छोड़ने चाहते हैं उनकी मदद के लिए एक हेल्पलाइन बनाई जाएगी।
केंद्र सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पाद (पैकेजिंग और लेबलिंग) कानून, 2008 में अप्रैल में संशोधन किया था। जिसके कारण सितंबर से भारत में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के नए पैकेट पर एक हेल्पलाइन नंबर लिखा जाएगा और उसके साथ ही चित्रात्मक और लिखित चेतावनी जारी की जाएगी। यह चेतावनी पैकेट के 85 प्रतिशत हिस्से को कवर करेगी। इसके अलावा कैंसर पीड़ित लोगों को भी इसमें प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्र द्वारा जारी
अधिसूचना में कहा गया है कि पैकेट पर बड़े-बड़े शब्दों में यह लिखित चेतावनी देनी होगी, 'तंबाकू की वजह से दर्दनाक मौत होती है' और 'तंबाकू की वजह से कैंसर होता है'। यह चेतावनी लाल रंग के बैकग्राउंड में सफेद अक्षरों से लिखी होगी।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी लगाने या उसका आकार बढ़ाने से इसकी खपत कम हो जाएगी?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,533 वोट मिले। इनमें 81.29 फीसदी (2872 वोट) पाठकों ने माना कि सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी लगाने या उसका आकार बढ़ाने से इसकी खपत में कमी नहीं आएगी, जबकि 18.71 फीसदी (661 वोट) पाठकों ने कहा कि सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी लगाने या उसका आकार बढ़ाने से इसकी खपत कम हो जाएगी।