भाजपा में कई नए चेहरे को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं को दिल्ली में संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुछ को पार्टी से संबद्ध दूसरे संगठनों का नेतृत्व सौंपकर उनका कद और पद दोनों बढ़ाया गया है।
दरअसल, प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन में लंबे समय से जिम्मेदारी संभालने वाले कई नेता केंद्र और प्रदेश सरकार में शामिल हो चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन को मिलाकर लगभग तीन दर्जन से ज्यादा छोटे- बड़े नेता और पदाधिकारी मंत्री बनाए गए हैं।
कुछ वरिष्ठ नेता जिनके संगठन को बाहर से मार्गदर्शन मिलता था वे भी दूसरी भूमिका में नजर आ रहे हैं। ऐसे में भाजपा को आगे की चुनौतियों से निपटने के लिए नए लोगों को संगठन में लाकर उन्हें सक्रिय किया गया है। उत्तर प्रदेश में केशव प्रसाद मौर्य के उप मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनकी जगह डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इस पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या नए चेहरों को जिम्मेदारी देने से यूपी में भाजपा मजबूत होगी?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 9,301 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में 58.36 फीसदी यानि 5,428 पाठकों ने माना कि नए चेहरों को जिम्मेदारी देने से यूपी में भाजपा मजबूत होगी। जबकि 35.57 फीसदी यानि 3,308 पाठक उपरोक्त सवाल से सहमत नहीं हुए। वहीं, 6.07 फीसदी यानि 565 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।