लॉकर से सामान गायब होने को लेकर आरबीआई ने बहुत बड़ा बयान दिया है। एक आरटीआई आवेदन के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक और 19 सार्वजनिक बैंकों ने लॉकर में आपका सामान सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत दिए गए जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ कहा है, ‘लॉकर में रखी गई बहुमूल्य वस्तुओं के होने वाले किसी भी नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होंगे।
बैंकों के मुताबिक लॉकर से जुड़े बैंक के समझौते में लिखा होता है- बैंक युद्ध, देश में फैली अराजकता, चोरी, सेंधमारी की स्थिति में बैंक लॉकर में रखे सामान के नुकसान या इसके नष्ट होने की जिम्मेदारी नहीं लेता। बैंक सामान्य सतर्कता बरतेगा लेकिन डिपॉजिट में रखे किसी सामान की जिम्मेदारी नहीं लेगा। यह सामान डिपॉजिट करने वाली की जिम्मेदारी होगी वह इसकी जिम्मेदारी संभाले।
इस पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'बैंकों ने लॉकर में रखे सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है, क्या आप सहमत हैं?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 13,370 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में मात्र 10.63 फीसदी यानि 1,421 पाठक उपरोक्त सवाल से सहमत हैं। सबसे अधिक 88.06 फीसदी यानि 11,773 पाठकों का मानना है कि बैंकों को लॉकर में रखे सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वहीं, 1.32 फीसदी यानि 176 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।