बैंकों में निकल के आ रहे अरबों रुपये के महाघोटालों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तीन प्रमुख प्राइवेट बैंकों के सीईओ का पिछले साल के लिए दिए जाने वाले बोनस पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह बोनस राशि करीब 6 करोड़ रुपये है जो कि बैंकों द्वारा इन सीईओ को वित्त वर्ष 2016-17 की परफॉर्मेंस के लिए दिया जाना था।
सूत्रों के अनुसार रिजर्व बैंक ने आईसीआईसीआई की सीईओ चंदा कोचर, एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा और एचडीएफसी बैंक के आदित्य पुरी को 31 मार्च, 2017 को खत्म वित्त वर्ष के लिए अभी बोनस जारी करने की अनुमति नहीं दी है।
आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक बोर्ड ने कोचर को 2.2 करोड़ रुपये का बोनस देने की मंजूरी दी है, जबकि शिखा शर्मा को 1.35 करोड़ रुपये और आदित्य पुरी को 2.9 करोड़ रुपये की बोनस राशि का भुगतान किया जाना है। इस बारे में पूछे जाने पर एक्सिस बैंक के प्रवक्ता ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जबकि बाकी दो बैंकों ने ई-मेल और फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या अब समय आ गया है कि देश के सभी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता लानी चाहिए?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2284 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 95.53 फीसदी (2182 वोट) पाठकों ने माना कि समय आ गया है कि देश के सभी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता लानी चाहिए। जबकि 4.47 फीसदी (102) पाठकों ने माना कि समय आ गया है कि देश के सभी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता नहीं लानी चाहिए।