भारतीय चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक देश एक चुनाव' के प्रस्ताव पर 'एक साल एक चुनाव' का सुझाव पेश किया है। आयोग ने यह सुझाव विधि आयोग द्वारा 24 अप्रैल को भेजे गए पत्र के जवाब में भेजा है। इस पत्र में आयोग से पूछा गया था कि सभी राज्यों के चुनावों को लोकसभा चुनाव के साथ करवाने पर उनके क्या विचार हैं।
आयोग ने सुझाव दिया है कि एक साल के अंदर जिन-जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं उन्हें एक साथ करवाया जा सकता है। वर्तमान में आयोग जिन राज्यों के कार्यकाल की अवधि एक महीने में खत्म होने वाली होती है उनके चुनाव साथ में करवाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जन अधिनियम प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 15 के तहत आयोग किसी विधानसभा के खत्म होने से 6 महीने पहले चुनावों की अधिसूचना जारी नहीं कर सकता है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एकसाथ होना चाहिए?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 9195 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 76.84 फीसदी (7065 वोट) पाठकों ने माना कि देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एकसाथ होना चाहिए। जबकि 23.16 फीसदी (2130) पाठकों ने माना देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एकसाथ नहीं होना चाहिए।