दोकलम विवाद और आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने जैसे मुद्दों पर भारत का चीन के साथ टकराव लगातार जारी है। ऐसे में चीन चाहता है कि मालदीव पर भारत के साथ विवाद का कारण न बने। मामले में चीन ने शुक्रवार एक बयान जारी कर कहा था कि वह मालदीव के राजनीतिक संकट पर भारत से संपर्क में है और इसे भारत और चीन के बीच विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए।
चीन के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, चीन ने उन रिपोर्ट की अवहेलना की है जिसमें मालदीव में भारतीय आर्मी के हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। हालांकि इसके साथ ही बीजिंग इस संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के साथ संपर्क में है।
गौरतलब है कि इससे पहले मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नाशीद द्वारा भारत से लगातार मदद मांगने और भारतीय सेना के मूवमेंट की खबरों के बीच चीन बुरी तरह से बौखला गया था। उसने कहा था कि भारत को मामले में किसी भी सूरत में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तो यहां तक कहा था कि संबंधित पक्ष किसी तीसरे की मध्यस्थता के बजाय आपस में बातचीत और संपर्क कर मतभेदों को दूर करें।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या मालदीव की वजह से भारत और चीन के बीच एक और विवाद खड़ा हो सकता है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 1,806 वोट मिले। इनमें 71.21 फीसदी (1,286 वोट) पाठकों ने माना कि मालदीव की वजह से भारत और चीन के बीच दोकलम के बाद एक और विवाद खड़ा हो सकता है, जबकि 28.79 फीसदी (520 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि मालदीव की वजह से भारत और चीन के बीच एक और विवाद पैदा नहीं होगा।