राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को बैंकरप्सी कानून को सख्त करने के लिए जारी अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की यह मंजूरी कैबिनेट की मंजूरी के एक दिन बाद आई है। इसके तहत दिवालिया कंपनियों के प्रमोटरों की मुश्किल बढ़ेंगी।
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यही नहीं, दिवालिया हुई कंपनी के प्रमोटर पर कंपनी की परिसंपत्तियां खरीदने की पाबंदी लगाई जाएगी। ऐसा हो जाने पर विलफुल डिफॉल्टर जैसी स्थिति में प्रमोटर फायदा नहीं उठा सकेंगे।कैबिनेट ने इसके लिए अपनी मंजूरी देते हुए कहा कि यह दोनों अध्यादेश संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाएंगे।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा, क्या दिवालिया कानून में होने वाले बदलावों के बाद फ्रॉड कारोबारियों पर लगाम लगेगी? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 5706 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 74.69 फीसदी (4262 वोट) लोगों ने 'हां' में जवाब दिया।
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यानि ये लोग मानते हैं कि दिवालिया कानून में होने वाले बदलावों के बाद फ्रॉड कारोबारियों पर लगाम लगेगी। जबकि 20.49 फीसदी पाठकों (1169 वोट) ने 'नहीं' में जवाब दिया। ये लोग मानते हैं कि दिवालिया कानून में होने वाले बदलावों के बाद फ्रॉड कारोबारियों पर लगाम नहीं लगेगी। वहीं 4.82 फीसदी (275 वोट) पाठकों ने 'कह नहीं सकते' विकल्प को चुना।