देश में आए दिन किसी न किसी धार्मिक आयोजनों में भगदड़ मचने और बवाल की खबरें आती रहती हैं। ऐसे कार्यक्रम हादसों की भेंट चड़ जाते हैं। ऐसे आयोजनों में कहीं न कहीं सरकार और प्रशासन की बदइंतजामी जिम्मेदार होती है, और इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही लोगों की जान ले लेती है। अभी बीते शनिवार को बनारस में बाबा जय गुरुदेव के एक कार्यक्रम में अचानक भगदड़ मचने से 24 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि इस हादसे 50 से ज्यादा गंभीर रुप से घायल हो गए।
वाराणसी और चंदौली की सीमा पर राजघाट पुल पर भगदड़ मचने के कारण यह हादसा हुआ। बता दें कि डुमरिया में जय गुरुदेव के समागम का आयोजन था। इस समागम में शामिल होने के लिए वाराणसी आसपास के इलाकों से लाखों की तादाद में जय गुरुदेव के अनुयायी पहुंचे। अमर उजाला ने इस हादसे को लेकर लोगों की राय जानने का प्रयास किया कि ऐसे हादसों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।
इस घटना पर अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा कि 'भगदड़ की ऐसी घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है?' इस सवाल के जवाब में कुल 3591 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें सबसे ज्यादा 30.13% यानि 1084 लोगों ने ऐसे हादसों के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया, और 43.97% यानि 1579 लोगों ने आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं हमारे तीसरे और अंतिम विकल्प पर 25.84% यानि 928 लोगों ने वोट किया इसका कुछ लोग ऐसे हैं जो भगदड़ की घटनाओं के लिए जनता को जिम्मेदार ठहराया हैं।