आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन रविवार को हुआ। इसमें जब कुमार विश्वास की बोलने की बारी आई तो वो अपने विचार व्यक्त करने से नहीं चूके। वो अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना ही उनपर निशाना साधते चले गए।
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कुमार विश्वास ने कहा,'षड्यंत्रकारी कहते हैं कि हम दूसरी पार्टी में चले जाएं या वहां चले तो नहीं जाएंगे, लेकिन मैं कहता हूं कि वहां तो अंधेरा है तो कैसे स्वराज का दीपक जलेगा। यदि यह आंदोलन असफल हुआ तो मांताएं 40 साल तक बेटों को आंदोलन में भेजना बंद कर देंगी, आंदोलन से लोगों का भरोसा ही उठ जाएगा।'
कुमार विश्वास ने महाभारत के चक्रव्यूह का जिक्र करते हुए अपने खिलाफ लोगों पर हमला बोलते हुए कहा,'एक दिन 20-25 लोगों ने घेर कर मुझे कहा कि तुम्हें इतना अपमानित कर दिया जाएगा कि हाथ जोड़कर भागोगे, लेकिन मैं बता देना चाहता हूं कि मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं अभिमन्यु हूं, मेरी हत्या में भी मेरी विजय है।'
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा, क्या आप मानते हैं कि जिस मकसद से 'आम आदमी पार्टी' बनी थी, 5 साल में वह उसी राह पर चली? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 11065 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 24.58 फीसदी (2720वोट) लोगों ने 'हां' में जवाब दिया।
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यानि ये लोग मानते हैं कि जिस मकसद से 'आम आदमी पार्टी' बनी थी, 5 साल में वह उसी राह पर चली। जबकि 72.93 फीसदी पाठकों (8070 वोट) ने 'नहीं' में जवाब दिया। ये लोग मानते हैं कि 5 सालों में आम आदमी पार्टी अपने मकसद में नाकाम रही है। वहीं 2.49 फीसदी (275 वोट) पाठकों ने 'कह नहीं सकते' विकल्प को चुना।