छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के बर्बर हमले के बाद केन्द्र सरकार नक्सलियों के खिलाफ रणनीति की समीक्षा कर रही है। कहा जा रहा है कि अब सरकार आर-पार की लड़ाई के मूड में है। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को रायपुर में सुकमा हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि सीआरपीएफ के बहादुर जवानों का यह बलिदान किसी भी सूरत में व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। सरकार ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि इसलिए फैसला किया गया है कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ रणनीति की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर इसमें संशोधन भी किया जाएगा। इसके लिए 8 मई को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है। इसमें कई राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे। वहीं अब नक्सलियों से निपटने के लिए कई तरह की मांगें उठ रही है। हालांकि, सरकार अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंची है। लोगों का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सेना का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि नक्सलियों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल नहीं करेगी।
वहीं अमर उजाला पोल में लोगों का साफ कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ सरकार को सेना का इस्तेमाल करना चाहिए। पोल में सवाल किया गया था कि, "क्या आप मानते हैं कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सेना का इस्तेमाल करना चाहिए?" इस पोल में लगभग 90 फीसदी ने कहा कि हां, नक्सलियों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल करना चाहिए। इस पोल में 11,313 पाठकों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 89.67 फीसदी (10,144) पाठकों ने हां विकल्प को चुना। वहीं 8.95 फीसदी पाठकों (1012) ने नहीं विकल्प को चुना। यानि इनका कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। तीसरे विकल्प कह नहीं सकते पर 1.39 फीसदी (157) लोगों ने चुना।