65.5 फीसदी पाठकों का मानना है कि पीएम मोदी को नोटबंदी के फैसले पर माफी नहीं मांगनी चाहिए। यह सवाल कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने उठाया था। चिदंबरम ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के देश में आपातकाल लागू करने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा था कि जिस तरह इंदिरा जी ने देश से मांफी मांगी थी, उसी तरह पीएम मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। चिदंबरम ने कहा था कि नोटबंदी के फैसले से देश की ज्यादातर जनता दैयनीय स्थिति में जीवन काटने को मजबूर है।
चिदंबरम की बात पर अमर उजाला पोल में पाठकों से राय मांगी गई थी कि क्या वे उनकी बात से इत्तेफाक रखते हैं? क्या पीएम मोदी को वाकई देश की जनता से नोटबंदी के फैसले पर माफी मांगनी चाहिए?
पोल में पूछे गए सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 7212 पाठकों ने अपनी राय व्यक्त की। जिसमें सबसे ज्यादा 65.5 फीसदी (4724) पाठकों ने कहा कि पीएम मोदी को नोटबंदी पर माफी नहीं मांगनी चाहिए। 33.21 फीसदी (2395) पाठकों ने कहा कि हां, पीएम मोदी को इस फैसले पर माफी मांगनी चाहिए। 1.29 फीसदी (93) पाठकों ने कहा कि वे इस बारे में कुछ भी कह नहीं सकते हैं।