अगले साल से रेल यात्रियों की जेब अब और ढीली हो सकती है। रेलवे अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए यात्री किराया में बढ़ोतरी पर गंभीरता से विचार कर रहा है। रेलवे की योजना यात्री किराया पर सेफ्टी सेस लगाने की है। बता दें कि इससे पहले रेलवे ने वित्त मंत्रालय को विशेष सुरक्षा कोष बनाने का प्रस्ताव भेजा था जिसे वित्त मंत्रालय ने खारिज कर दिया था।
रेलवे के प्रस्ताव के मुताबिक, ट्रैक को मजबूत करने, सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने और मानवरहित क्रासिंग को खत्म करने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी अन्य उपायों के लिए पैसे जुटाने के लिए सुरक्षा उपकर (सेफ्टी सेस) लगाया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने इस फंड का सिर्फ 25 प्रतिशत उपलब्ध कराने की सहमति दी है। रेलवे से कहा गया है कि वह शेष 75 प्रतिशत संसाधन खुद जुटाए।
अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा, 'क्या सेफ्टी सेस के नाम पर रेल किराया बढ़ाना सही कदम होगा? पोल में कुल मिलाकर 6415 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे ज्यादा 62.1 फीसदी (3984) पाठकों ने माना कि सेफ्टी सेस के नाम पर रेल किराया बढ़ाना गलत कदम होगा। वहीं 36.06 फीसदी (2313) पाठकों ने कहा कि सेफ्टी सेस के लिए रेल किराया बढ़ाना सही कदम साबित होगा। 1.84 फीसदी (118) पाठकों ने इस मुद्दे पर कुछ भी कह पाने में असमर्थता जताई।