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अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड: पंकज त्रिपाठी ब्रांड एंबेसडर बने, बच्चों को प्रेरित करेंगे; वास्तविक क्षमता समझाएंगे

Sun, 18 Oct 2026 05:59 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।

सार

अभिनेता पंकज त्रिपाठी अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड के साथ बतौर ब्रांड एंबेसडर जुड़े हैं।बिहार की सरजमीं से निकले पंकज आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी किसी परिचय के मोहताज नहीं। वे बच्चों को अपनी वास्तविक क्षमता को समझने और लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित करेंगे।
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पंकज त्रिपाठी ब्रांड एंबेस्डर बने - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड्स 2026–27 के साथ अभिनेता पंकज त्रिपाठी ब्रांड एंबेसडर के रूप में जुड़े हैं। अपनी सहज, सरल और प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए पहचाने जाने वाले पंकज त्रिपाठी इस पहल के माध्यम से बच्चों को केवल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि अपनी वास्तविक क्षमता को समझने और लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करेंगे।

छात्र अपने प्रदर्शन को विस्तार से समझ सकेंगे

पंकज त्रिपाठी का बच्चों के लिए संदेश है, ‘आगे बढ़ने के लिए जरूरी है खुद को जानना और खुद को जानने के लिए जरूरी है खुद को सही तरीके से परखना।’ अक्सर बच्चे और अभिभावक परीक्षा के बाद सबसे पहले मार्क्स और रैंक पर ध्यान देते हैं, जबकि वास्तविक इंपावरमेंट की शुरुआत वहां से होती है जहां छात्र अपने प्रदर्शन को विस्तार से समझें।

किस क्लास के विद्यार्थी ले सकते हैं हिस्सा, विषय कितने?

नेशनल ओलंपियाड्स में में कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इसमें इंग्लिश, मैथमेटिक्स, साइंस, जनरल नॉलेज, लॉजिकल रीजनिंग, हिंदी, टेक और एआई जैसे विषय शामिल हैं। विद्यार्थी और अभिभावक अपने स्कूल के माध्यम से या सीधे वेबसाइट पर जाकर नेशनल ओलंपियाड्स के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

किन क्षेत्रों पर आगे अधिक मेहनत करनी चाहिए?

यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि किस विषय में उसकी पकड़ मजबूत है, किस टॉपिक में सुधार की जरूरत है और किन क्षेत्रों पर आगे अधिक मेहनत करनी चाहिए। जब बच्चे अपने प्रदर्शन को सही तरीके से समझते हैं, तभी वे अपनी तैयारी को भी सही दिशा दे पाते हैं।

अब ये परख सिर्फ मार्क्स और रैंक तक सीमित क्यों रहे?

इसी सोच के साथ अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड्स इस वर्ष एआई के साथ एक नए रूप में आया है। परीक्षा में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को एआई आधारित विस्तृत परफारमेंस रिपोर्ट मिलेगी, जो उन्हें उनकी क्षमता, बेहतरी और लाखों विद्यार्थियों के बीच उनके प्रदर्शन की सही तस्वीर समझने में मदद करेगी। यानी परीक्षा के बाद छात्र सिर्फ यह नहीं जानेंगे कि कितने नंबर आए, बल्कि यह भी समझ पाएंगे कि और बेहतर कैसे बनें।

एआई के साथ नेशनल ओलंपियाड्स कैसे और बेहतर हुआ? 

इस वर्ष नेशनल ओलंपियाड्स में कई नए बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा देने का अनुभव नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन को विस्तार से समझने का अवसर देना है। हर विद्यार्थी के लिए एक एआई आधारित डैशबोर्ड उपलब्ध होगा, जहां प्रैक्टिकल मटीरियल, मॉक टेस्ट और परफारमेंस रिलेटेड इनसाइट्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी। एआई आधारित परफारमेंस रिपोर्ट में केवल ओवरआल मार्क्स और रैंक ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में विद्यार्थी के प्रदर्शन से जुड़े विस्तृत इनसाइट्स भी उपलब्ध होंगे।

टॉप चैंपियंस को यूरोपियन स्पेस सेंटर जाने का अवसर

इस वर्ष नेशनल ओलंपियाड्स में पुरस्कारों को भी और आकर्षक बनाया गया है। टॉप-3 चैंपियन अवार्ड विजेता विद्यार्थियों को उनके एक अभिभावक के साथ यूरोपियन स्पेस सेंटर जाने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा अलग-अलग स्तरों पर भी विद्यार्थियों के लिए पुरस्कार और सम्मान रखे गए हैं।

अलग-अलग स्तरों पर कितने सम्मान?

नेशनल लेबल :  21,000 रुपये + ट्राफी + सर्टिफिकेट

स्टेट लेबल : 5,100 रुपये + ट्राफी + सर्टिफिकेट

डिस्ट्रिक्ट लेबल : मेडल + सर्टिफिकेट

स्कूल लेबल : क्लास टॉपर्स  लिए मेडल

हर प्रतिभागी के लिए पर्टिसिपेशन सर्टिफिकेट 

विद्यार्थियों के बीच अपने प्रदर्शन को समझने का मौका

नेशनल ओलंपियाड्स विद्यार्थियों को अपने स्कूल या शहर तक सीमित प्रदर्शन से आगे बढ़कर एक बड़े स्तर पर खुद को परखने का अवसर देता है। एआई आधारित एनालिसिस के माध्यम से विद्यार्थी अपने प्रदर्शन की अधिक स्पष्ट तस्वीर देख सकेंगे और यह समझ पाएंगे कि उन्हें किन क्षेत्रों में आगे और काम करने की जरूरत है।

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