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अमर उजाला की पड़ताल: कैराना में बदमाशों का खौफ पर सांप्रदायिकता नहीं

Sun, 19 Jun 2016 04:58 AM IST
आनंद प्रकाश/ अमर उजाला, शामली
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कैराना पलायन प्रकरण पर भाजपा के जांच दल ने प्रदेश अध्यक्ष को जो रिपोर्ट सौंपी, उसके सवालों के जवाब अमर उजाला ने तलाश किए। रंगदारी न देने पर व्यापारियों की हत्या, रंगदारी की धमकियों से फैला खौफ की बात से लोग सहमत हैं। हालांकि धार्मिक आयोजनों में रुकावट से लोग इत्तेफाक नहीं रखते।
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रंगदारी ना देने पर कैराना के व्यापारी विनोद सिंघल, शिवकुमार और राजेंद्र की हत्या तथा व्यापारियों को लगातार रंगदारी की धमकी मिलने का तथ्य पूरी तरह सही है। गुंडागर्दी करने वालों को राजनीतिक संरक्षण की बात भी सही मानी जा रही है, जिससे कैराना के लोग भी वाकिफ हैं।

कैराना क्षेत्र में लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ने से दहशत है, जांच दल की यह बात भी सही है। क्योंकि पंजीठ गांव के पास कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षण कार्य इसी कारण शुरू नहीं हो सका। विजय सिंह पथिक राजकीय महाविद्यालय में पीएसी भी घटनाओं के कारण तैनात करनी पड़ी।
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वहीं, जांच रिपोर्ट में कुछ बातें ऐसी भी शामिल कर दी गई, जो कैराना की मौजूदा स्थिति से इतर हैं। जैसे कहा गया है कि कैराना में हिंदुओं को धार्मिक आयोजन करने में कठिनाई होती है, जबकि कैराना में अभी ऐसी स्थिति नहीं है। धार्मिक आयोजन भी होते हैं। रामलीला मंचन, हनुमान जयंती और गणेश उत्सव तथा महावीर जयंती पर शोभायात्रा भी निकाली जाती हैं। विभिन्न अवसरों पर दुर्गा मां के जागरण भी कराए जाते हैं।

इन सवालों के जवाब मिले 

एक भी पेट्रोल पंप कैराना में नहीं है, क्यों ? 
सूर्यवीर सिंह निवासी मुंडेट ने 1989 में मायापुर मार्ग के पास पेट्रोल पंप लगाया, जिसे 1996 में बंद कर दिया गया। सूर्यवीर सिंह बताते हैं कि कैराना से हरियाणा बॉर्डर की दूरी महज पांच किलोमीटर है, जहां से सस्ते दाम पर पेट्रोल और डीजल लाकर लोग कैराना में खुले में बेचते हैं।

वहीं, गुंडागर्दी भी हावी हुई, जिस कारण पेट्रोल पंप बंद करना पड़ा। दूसरा पेट्रोल पंप सुशील कुमार ने 2005 में बंद किया। वह मेरठ जाकर बस गए। सुशील कुमार का भी यही कहना है कि गुंडागर्दी बढ़ने और हरियाणा नजदीक होने के कारण पेट्रोल पंप बंद करना पड़ा।

कितने लोगों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई तथा गुंडा एक्ट में चालान किया गया?
वर्ष 2014, 15 और 16 में  11 लोगों की हिस्ट्रीशीट खुली, जबकि 84 लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई हुई।

कितने व्यक्तियों पर गैंगस्टर एक्ट लगा?
11 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई।

कितने व्यक्तियों को गुंडा एक्ट में जिला बदर किया गया?
इस दौरान तीन लोगों को गुंडा एक्ट लगने पर जिला बदर किया गया।

इन सवालों का जवाब मिलने बाकी  बीते चार वर्ष में कितने लोग (हिन्दू) संपत्ति बेचकर गए और उनकी संपत्ति किसने खरीदी ? कितने गैस कनेक्शन सरेंडर किए गए और दूसरे शहरों में ट्रांसफर हुए? कितने बच्चों ने स्कूल में मिड टर्म पढ़ाई छोड़ दी? कैराना में शस्त्र लाइसेंसों का विवरण, कितने लाइसेंस किस वर्ग को जारी हुए
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Published By Rahul Sankrityayan
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