पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं। खम्मम सीट से लोकसभा का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं और तेलंगाना की राजनीति में भी खासा दखल रखती हैं। खम्मम और उसके आसपास के इलाकों में रेणुका लगातार दौरे कर रही हैं। राज्य के चुनाव और राष्ट्रीय मुद्दों पर नितिन यादव ने उनसे बात की।
तेलंगाना में क्या इस बार कांग्रेस सरकार आ सकती है?
हमें पूरा भरोसा है कि राज्य में कांग्रेस सरकार बनेगी। जनता को पता चल गया है कि भाजपा, बीआरएस व एआईएमआईएम मिले हैं। केसीआर की सरकार में बहुत भ्रष्टाचार है। युवाओं के पास नौकरी नहीं है। जनता बदलाव लाकर रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी की संघ की पृष्ठभूमि पर सवाल उठे हैं।
इससे क्या फर्क पड़ता है कि पहले कौन क्या था, देखा तो यही जाना चाहिए कि वह अब क्या कर रहे हैं। खुद केसीआर भी टीडीपी से बीआरएस तक आए। उन्होंने तो अपने बेटे का नाम भी एनटीआर से प्रभावित होकर केटीआर रखा था।
भारत जोड़ो यात्रा का कुछ असर आपको दिख रहा है?
कश्मीर से कन्याकुमारी तक माहौल बना है। जनता को लग रहा है कि कोई नेता उनके बीच में हैं। दस साल में कांग्रेस को लेकर तमाम घोटाले निकाले गए लेकिन सब झूठे साबित हुए हैं। दस साल में न तो देश में और न तेलंगाना में कोई विकास हुआ है।
कांग्रेस में सीएम पद के कई दावेदार सामने आए हैं।
विधायक जिसको चाहेंगे उसे चुन लेंगे। तेलंगाना में भी यही होगा। यह अलग बात है कि उम्मीद सबको रखनी चाहिए।
ओवैसी लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमलावर हैं?
ओवैसी पढ़े-लिखे और अच्छे आदमी हैं। लेकिन पता नहीं वह भाजपा और बीआरएस के चंगुल में कैसे फंस गए और क्या- क्या बयान देने लगे हैं।
केंद्र ने महिला आरक्षण बिल का दांव चला है?
भाजपा ने इसे लागू ही कहां किया है। मंशा थी तो अभी से लागू करते। वैसे तो इसकी पहल कांग्रेस ने ही की थी। देश की महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं जो इस झांसे में आ जाएंगी।
इंडिया के नेता एकदूसरे के खिलाफ बयान दे रहे
यह लोकतंत्र है। सबकी सोच और बुनियाद एक ही है। कुछ जगह समस्याएं आती हैं या आ रही हैं तो वरिष्ठ नेता मिलकर सुलझा लेंगे।
योगी ने कहा, हैदराबाद का नाम भाग्यनगर रख देंगे।
यह मोहब्बत का क्षेत्र है। यहां नफरत की राजनीति नहीं चलेगी। बयानों का क्या है, भाजपा नेता ऐसा बोलने में माहिर हैं। इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। लोग विकास की बात करें तो चुनाव और बेहतर होगा।