आपके पसंदीदा अखबार अमर उजाला और नवरत्नों में गिनी जाने वाली कंपनी ओएनजीसी ने देश की उन चुनिंदा कंपनियों को सम्मानित किया गया जो मुनाफे के साथ लोगों की दुआएं भी कमा रही हैं। समाज की भलाई में जुटी ऐसी सात कंपनियों को केंद्रीय मंत्रियों और कई प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में अमर उजाला कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी (सीएसआर) अवार्ड दिए गए।
बता दें कि अमर उजाला सीएसआर अवार्ड का यह पहला संस्करण है जिसका टाइटल स्पांसर ओएनजीसी है। दिल्ली के होटल शांग्रीला में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल, संसदीय कार्य एवं सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री विजय गोयल और अमर उजाला के पूर्णकालिक निदेशक प्रबल घोषाल भी उपस्थित रहे।
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जल संरक्षण के लिए बहुत काम करने की जरूरत है। भारत में सीएसआर सिखाने की जरूरत नहीं है, ये हमारे इतिहास और परंपरा का हिस्सा है। अग्रोहा के राजा अग्रसेन इसका सशक्त उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का काम भी सरोकार का होता है। जनता की भलाई को भी सीएसआर माना जा सकता है। अमर उजाला भी अपने क्षेत्र में समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित कर रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि भारत में परोपकार की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसे तेज करने की और आगे बढ़ाने की जरूरत है। पीयूष गोयल ने कहा कि उन्होंने ऊर्जा मंत्री रहते हुए उन्नत ज्योति योजना की शुरुआत की थी। जिससे इस देश के नागरिकों को अफोर्डेबल बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
पीयूष गोयल बोले कि सरकारी कंपनियों ने सीएसआर के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किया है। सीएसआर के सहयोग से एक वर्ष में सरकारी स्कूलों में चार लाख से ज्यादा टॉयलेट बनाए जा सके हैं। 'टॉयलेट एक प्रेमकथा' फिल्म देखने के बाद मैंने देश के रेलवे स्टेशनों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अच्छे से अच्छे टॉयलेट बनाए जाने का आदेश दिया है।
गोयल ने कहा कि अगले 15 महीनों में देश की सभी ट्रेनों में बायो टॉयलेट लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डंपिंग यार्ड बंद होने की वजह से बनारस में गंदगी बढ़ती जा रही थी। इसको दोबारा शुरू करवाया और अब वहां रोजाना 600 टन कचरा इकट्ठा हो रहा है।
रेलमंत्री ने कहा कि बनारस की गंदगी साफ करने में कई एनजीओ और कंपनियां सीएसआर मदद कर रहे हैं। समाज के लिए कार्य करने वाली कंपनियों को सम्मानित करके अमर उजाला ने एक उत्कृष्ट मिसाल पेश की है। इससे और अधिक संगठन और संस्थान सीएसआर के लिए आगे आएंगे। शोषित, गरीब और वंचित लोगों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिना प्रोत्साहन के समाज विकास नहीं करता है। सीएसआर के लिए कंपनियों के साथ ही स्थापित लोगों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए सोचना बहुत जरूरी है। प्रोत्साहन से अनुशासन आता है। गोयल ने कहा कि आज यूथ को प्रेरित करने की ज़रूरत है।
अमर उजाला की ओर से कंपनियों के उक्त प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड - श्री रंजीत सिंह
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड - श्री चेतन वर्मा
धानुका एग्रीटेक लिमिटेड - श्री आरजी अग्रवाल
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन - श्री राजीव शर्मा
गैस एवं प्राकृतिक गैस लिमिटेड - श्री बीसी त्रिपाठी
ओएनजीसी - श्री सुरेश डंडियाल
At @AmarUjalaNews' CSR Awards 2017 where I spoke on how CSR should be more about "Strategy" than "Charity" for sustainable progress for all. pic.twitter.com/oxC5L3rAsS
— Vijay Goel (@VijayGoelBJP) October 30, 2017