अमर उजाला संस्थान कोबरापोस्ट द्वारा सोशल मीडिया पर प्रकाशित किए गए उस कथित स्टिंग वीडियो का पुरजोर खंडन और विरोध करता है जिसमें अमर उजाला के विषय में आपत्तिजनक सामग्री और आरोप पेश किए गए हैं।
पिछले 70 वर्षों के दौरान अमर उजाला ने सार्वजनिक हित में निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग के लिए अपनी अलग साख बनाई है और वह स्वतंत्र, पक्षपातरहित व साफ-सुथरी पत्रकारिता का पर्याय बनकर उभरा है। कथित स्टिंग वीडियो में लगाए गए आरोपों के उलट अमर उजाला ने, न तो कभी पेड न्यूज छापी, न ही उसे छापने की वकालत की। अमर उजाला ने कभी भी अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को नहीं अपनाया जैसा कि वीडियो में दावा किया गया। अमर उजाला किसी भी तरह की पीत पत्रकारिता में विश्वास नहीं रखता और वह इस तरह की गतिविधियों की मजबूती से भर्त्सना करता है।
कोबरापोस्ट का कथित स्टिंग वीडियो न केवल गैरकानूनी है, बल्कि वह जबर्दस्ती गढ़े हुए झूठ परोस रहा है। उसमें दिखाए गए लोग मुख्य प्रबंधन का हिस्सा नहीं हैं और उनके पास समाचारों के चयन या प्रकाशन से जुड़ा कोई अधिकार भी नहीं है। अमर उजाला एक सुप्रबंधित और पेशेवराना मीडिया संस्थान है जिसमें समाचारों को चुनने और छापने के लिए सख्त प्रक्रियाओं का बाकायदा पालन किया जाता है।
अमर उजाला देश का एक अग्रणी मीडिया संस्थान है और कोबरापोस्ट की यह हरकत न सिर्फ अपमानजनक और गैरकानूनी है, बल्कि मानहानिपरक भी है जिसका मकसद अमर उजाला की प्रतिष्ठा और साख को नुकसान पहुंचाना है। साथ ही कोबरापोस्ट के इस वीडियो का मकसद एक खास राजनीतिक गुट, वर्ग व पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए एक दूसरे राजनीतिक गुट व वर्ग का नुकसान करना भी है। इसके अलावा यह पूरी तरह से जनहित के भी खिलाफ है। अमर उजाला मजबूती के साथ इस कथित स्टिंग वीडियो की कठोरतम भर्त्सना करता है।