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Amar Ujala Batras: क्या ट्रेंड बन रहा देर से विवाह, क्यों 'शादी जरूरी नहीं' मानने लगे हैं युवा, देखें पॉडकास्ट

Sat, 21 Mar 2026 08:21 PM IST
Kirtivardhan Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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अमर उजाला बतरस। - फोटो : AU
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अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई युवाओं के जीवन के एक अहम पड़ाव- विवाह की। दरअसल, आधुनिक समय में युवाओं से जुड़ी संस्कृतियों में तेजी से परिवर्तन आए हैं। इन बदलावों में एक चौंकाने वाला बदलाव उनकी शादी की समझ और इसके चुनाव का भी है। बड़ी संख्या में युवा अब अपने विवाह के ऊपर करियर को तवज्जो देने लगे हैं और सिंगल यानी अकेले जीवन बिताने को प्राथमिकता भी दे रहे हैं। एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में इसी ट्रेंड को लेकर दो मेहमानों से चर्चा की और जाना कि आखिर इस तरह देर से विवाह करना और इससे बचना क्यों प्रचलन में आया है और इसका सामाजिक असर क्या हो रहा है। 
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इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।  
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नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो लोगों से बात की, उनमें मैरिज काउंसलर अशिता माथुर और करियर काउंसलर वरुण वोहरा शामिल रहे। दोनों ही विशेषज्ञों ने युवाओं से जुड़ी कई सोच को लेकर आए बदलावों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि क्यों अब शादी को लोग उतनी अहमियत नहीं देते? करियर बड़ा या शादी युवा पीढ़ी इन दिनों इस विषय पर क्या सोचती है? क्या शादी देर से करना या नहीं करना एक ट्रेंड सा बन रहा है? इसके अलावा क्या शादी को टालना करियर को ग्रोथ देने में मददगार साबित होता है?

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि सिंगल रहने का कल्चर या ट्रेंड का जिम्मेदारियों से क्या रिश्ता है। उन्होंने टूटते रिश्तों के बढ़ते मामले और सिंगल लाइफ के बीच संबंध पर भी विचार रखे। दोनों ने बताया कि क्या भारत में वर्क कल्चर में बदलाव की आवश्यकता है? और सिंगल रहने की तुलना में रिश्ते में रहना कितना जरूरी है? इसके अलावा शादी-करियर में जूझते युवाओं को कैसे खुद को संभालना चाहिए?
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