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Amarujala Batras: तेज रफ्तार जीवनशैली से समाज में बढ़ रहे मानसिक तनाव के मामले, दूर कैसे करें? देखें पॉडकास्ट

Sat, 04 Oct 2025 08:11 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अमर उजाला बतरस - फोटो : amarujala.com
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अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई समाज के लिए चिंता में डालने वाले एक विषय पर। मुद्दा रहा- समाज में बढ़ रहा मानसिक तनाव और उससे निपटने का तरीका।

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भारत में तनाव एक बड़ी सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। तेज रफ्तार जीवनशैली, कामकाजी दबाव, पढ़ाई का बोझ, रिश्तों में खिंचाव और आर्थिक असुरक्षा तनाव के बड़े कारण हैं। पहले लोग तनाव को केवल मानसिक परेशानी मानते थे, लेकिन अब यह साफ है कि इसका असर शरीर पर भी सीधा पड़ता है। सिरदर्द, नींद न आना, ब्लड प्रेशर, थकान, चिड़चिड़ापन और दिल की धड़कन तेज होना- ये सब इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अब लोग पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं, लेकिन अभी भी मनोचिकित्सक के पास जाने को लेकर झिझक बनी हुई है। तनाव और अवसाद में अंतर पहचानना जरूरी है।

तनाव बच्चों और युवाओं तक भी पहुंच चुका है। पढ़ाई, प्रतियोगिता और सोशल मीडिया के इस दौर में तनाव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में परिवार को सतर्क रहना चाहिए और बच्चों से संवाद बनाए रखना जरूरी है। 
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एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में तनाव और उसके उसके दबाव से जुड़ी चुनौतियों को लेकर दो विशेषज्ञों से बात की और जाना कि आखिर यह समस्या क्यों पैदा हुई है। इसके अलावा तनाव या अवसाद की वजह क्या है और इससे निपटने के लिए क्या किया जा सकता है। इसपर भी विस्तार से चर्चा की गई। 

इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।  

नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की। ये विशेषज्ञ हैं- मनोचिकित्सक डॉ आशीष मित्तल और योग ट्रेनर संपूर्णा। दोनों ही विशेषज्ञों ने कई अहम सवालों के जवाब दिए। मसलन- तनाव का आज कितना असर आम लोगों पर दिखता है? तनाव सिर्फ मानसिक दिक्कत है या शारीरिक परेशानी भी नजर आती है? मानसिक स्वास्थ्य पर अब लोग गंभीर होने लगे हैं?

तनाव के संकेत शरीर में कैसे पहचान सकते हैं? तनाव और अवसाद में क्या अंतर है और कैसे पहचाने? कब समझें की अब मनोचिकित्सक के पास जाना चाहिए? तनाव को योग से कैसे दूर कर सकते हैं? बच्चों में भी तनाव के मामले बढ़ रहे कैसे समझें और रोकें? उम्र के हिसाब से योग क्रियाएं तनाव को कैसे दूर करेंगी? परिवार के किसी तनाव ग्रस्त व्यक्ति को कैसे समझें? दिमाग किसी बात से परेशान हो तो तुरंत क्या करें? अचानक किसी बात से धड़कन तेज हो जाए तो क्या करें? किसी बात पर अचानक गुस्सा आ जाए तो क्या करें?

बतरस में विशेषज्ञों ने न सिर्फ इन सवालों के जवाब दिए, बल्कि यह भी बताया कि अपनी इच्छाशक्ति और अनुशासन समाज में बढ़ रहे तनाव और अवसाद पर कैसे नियंत्रण पाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि परिवार में किसी व्यक्ति को तनाव हो उससे कैसे निपटा जा सकता है? योग और ध्यान उम्र के अनुसार सरल क्रियाओं से तनाव कम करने में कैसे मददगार साबित होते हैं? प्राणायाम, ध्यान और सूर्य नमस्कार से तनाव कम करने में कैसे मदद मिलती है?

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