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अपने इन मशहूर विज्ञापनों की वजह से आज भी जीवित हैं एलिक पदमसी 

Sun, 18 Nov 2018 02:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय विज्ञापन क्षेत्र को एक अलग पहचान दिलाने वाले मशहूर एड फिल्मकार एलीक पदमसी का शनिवार को 90 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। एलीक पदमसी ने बॉलीवुड फिल्म 'गांधी' में मोहम्मद अली जिन्ना का किरदार कर लाखों दिलों को जीता था। एलीक को 'फादर ऑफ मॉडर्न इंडियन एडवरटाइजिंग' भी कहा जाता है। उन्होंने 'लिरिल', 'हमारा बजाज' और 'कामासूत्रा' जैसे ब्रैंड्स के लिए बेहतरीन विज्ञापन बनाए।

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इन विज्ञापन से उन्हें भारत में अलग पहचान मिली। एलीक पदमसी ने देश की टॉप विज्ञापन कंपनी लिंटास की स्थापना भी की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत विलियम शेक्सपियर के प्ले 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' से की थी। अचानक से उनके निधन से विज्ञापन इंडस्ट्री में शोक की लहर है। देश के मशहूर थिएटर आर्टिस्ट्स में से एलीक एक माने जाते थे। एविटा, जीसस क्राइस्ट सुपरस्टार और तुगलग के लिए उनका काम काफी सराहा गया।

पदमसी के मशहूर विज्ञापन

लिरिल गर्ल

लिरिल के साथ देश में पहली बार नींबू की खुशबू वाला कोई साबुन लॉन्च किया गया था। इसे बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान लीवर इसे एक अलग पहचान देना चाहती थी। एलेक पदमसी झरने के नीचे नहाती एक लड़की का आइडिया लेकर आए। मॉडल कैरन ल्यूनेल के साथ इस विज्ञापन की शूटिंग महाराष्ट्र के खंडाला और तमिलनाडु के कोडाइकैनाल में हुई। इसके बाद लिरिल गर्ल विज्ञापन की दुनिया का एक चर्चित शब्द बन गया।

हमारा बजाज

बजाज का यह विज्ञापन भी ‘आल टाइम क्लासिक्स’ की श्रेणी में आता है। इसने बजाज स्कूटर की ख्याति घर-घर में पहुंचा दी थी। ये पदमसी के मशहूर विज्ञापनों में से एक था। 

सर्फ की ललिता जी

सर्फ की खरीदारी में ही समझदारी है, इस टैगलाइन के साथ बना यह विज्ञापन भी खासा मशहूर हुआ था। माना जाता है कि इसे निरमा के ‘हेमा, रेखा, जया और सुषमा’ वाले विज्ञापन को टक्कर देने के लिए बनाया गया था।

एमआरएफ का मसलमैन

ये विज्ञापन एमआरएफ टायर का था। इस विज्ञापन को पदमसी ने बनाया था और इसकी दिलचस्प बात यह भी है कि इसका संगीत एआर रहमान ने बनाया था।

चेरी ब्लॉसम शू पॉलिश

ये एक शू पॉलिश पॉलिश का विज्ञापन था। चार्ली चैप्लिन की फिल्मों की शैली में बना यह विज्ञापन भी खासा मशहूर हुआ था। 
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कौन थे एलेक पदमसी

साल 1928 में एक गुजराती परिवार में पैदा होने वाले एलेक पद्मसी को विज्ञापन की दुनिया का पितामह कहा जाता था। 'एडवरटाइज़िंग मैन ऑफ़ द सेंचुरी' कहे जाने वाले एलेक पद्मसी को साल 1999 में पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया। एडवरटाइज़िंग क्षेत्र से जुड़े लोग बताते हैं कि अस्सी के दशक में एडवरटाइज़िंग क्षेत्र के लोगों के बीच एक चुटकुला प्रचलित था।

पद्मश्री से सम्मानित

बहुमुखी प्रतिभा के धनी एड गुरू एलीक पदमसी को साल 2000 में भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अच्छे विज्ञापन वो हैं जो बिक्री में मददगार साबित होते हैं। वैसे तो पदमसी काफी चर्चा में रहे लेकिन लिरिल साबुन के विज्ञापन से उन्हें कामयाबी मिली। खास बात ये है कि ये विज्ञापन साल 1974 में पहली बार शूट किया गया था। वो कहते थे कि विज्ञापन बनाना और उनका मशहूर होना बहुत मुश्किल काम है क्योंकि इसके लिए आपके पास कई बार मिनट नहीं बल्कि चंद सेकंड ही होते हैं।
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