देश में एक बार फिर नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। एक दिन पहले, गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया था कि लोकसभा चुनावों से ठीक पहले सीएए की अधिसूचना जारी की जाएगी। मंत्रालय के इसी बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी हर बार चुनाव से पहले ध्रुवीकरण करने की कोशिश करती है। इस बार भी लोकसभा से ठीक पहले सीएए की अधिसूचना जारी करना स्पष्ट करता है कि सीएए मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का हथियार है।
सरकार ने नौ बार विस्तार मांगा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने दिसंबर 2019 में संसद में विवादास्पद कानून पेश किया था। संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार, कानून को लागू करने के नियम छह माह के भीतर लागू हों, लेकिन सरकार ने नौ बार विस्तार मांगा और उन्हें इसकी अनुमति भी मिल गई। अब मंत्रालय ने जानकारी दी कि कानूनों के नियमों को लोकसभा चुनावों से पहले अधिसूचित किया जाएगा। इससे अब यह स्पष्ट हो गया है कि कानून शुरू से ही मतदाताओं के ध्रुवीकरण का हथियार था।
मनीष तिवारी भी कर चुके हैं आलोचना
इससे पहले, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा था कि देश के संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता निहित है और ऐसे देश में धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता। मैंने दिसंबर 2019 में भी लोकसभा में इसी आधार पर बिल का विरोध किया था।
चुनाव की घोषणा से काफी पहले नियम अधिसूचित हो जाएंगे
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया था कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से 'काफी पहले' नियम अधिसूचित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, सरकार जल्द ही सीएए के लिए नियमावली जारी करेगी। एक बार नियम जारी होने के बाद, कानून लागू किया जा सकेगा। नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद नियमों के तहत पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता भी दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि चार साल से अधिक की देरी के बाद, सीएए के कार्यान्वयन के लिए नियम जरूरी हैं। क्या इस कानून के नियम अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले अधिसूचित हो जाएंगे? इस सवाल पर वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, 'हां, चुनाव के एलान से काफी पहले नियम जारी कर दिए जाएंगे।