कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए किसी नेता के पास कम से कम 272 सांसदों का समर्थन होना जरूरी है। जिस भी पार्टी के पास लोकसभा में यह संख्या होगा उसी गठबंधन का नेता प्रधानमंत्री बनेगा। इसके साथ ही कार्ति ने ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाए जाने का बचाव करते हुए भाजपा पर पलटवार किया और कांग्रेस की राष्ट्रवादी विरासत का हवाला दिया। उन्होंने धनुष के राजनीति में आने की चर्चा, मेकेदातु बांध और कावेरी जल बंटवारे, हिरासत में मौतों, पुलिस सुधार, ऑनर किलिंग तथा विधायकों के परिवहन व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
‘272 सांसद जुटाने वाला गठबंधन अपना नेता बनाएगा PM’
विजय के समर्थकों द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग और इस तरह की राजनीतिक चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति ने कहा,'कोई भी राजनीतिक गठबंधन जो यह संख्या हासिल करेगा, उसके नेता प्रधानमंत्री बनेंगे।' उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
‘वंदे मातरम्’ पर BJP को कांग्रेस की राष्ट्रवादी विरासत की याद दिलाई
प्रधानमंत्री पद को लेकर सवालों के बीच कार्ति ने कांग्रेस के राष्ट्रवाद पर उठ रहे सवालों को भी खारिज किया। ‘वंदे मातरम्’ के गायन में केवल दो अंतरे गाए जाने को लेकर BJP की आलोचना पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रवाद और देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा,'हम राष्ट्रवादी हैं। हम ऐसी पार्टी से आते हैं, जिसका राष्ट्रवाद और देशभक्ति का लंबा इतिहास रहा है। इसलिए भाजपा को हम पर किसी तरह की टिप्पणी या संदेह करने की जरूरत नहीं है।'
‘दो अंतरे गाने का फैसला इतिहास के दिग्गजों ने लिया था’
‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाए जाने को लेकर हो रही आलोचना पर कार्ति ने भाजपा को इतिहास पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने सामूहिक विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया था कि राष्ट्रीय गीत के रूप में केवल दो अंतरे उपयुक्त और पर्याप्त होंगे।
धनुष के राजनीति में आने की चर्चा पर कार्ति का दो टूक जवाब
अभिनेता धनुष के राजनीति में प्रवेश करने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर कार्ति ने बेहद संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,'मैं उनकी फिल्में नहीं देखता।'
मेकेदातु बांध विवाद पर तमिलनाडु के हित की बात
मेकेदातु बांध के मुद्दे और इसके तमिलनाडु तथा पुडुचेरी पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर कार्ति ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि तमिलनाडु को हर साल कावेरी नदी के पानी में उसका उचित हिस्सा मिले। उन्होंने कहा कि कावेरी प्रबंधन बोर्ड के प्रावधानों के अनुसार तमिलनाडु को उसका हिस्सा लगातार मिलना जरूरी है।
हिरासत में मौतों को लेकर पुलिस की मानसिकता पर सवाल
कार्ति ने देश में जारी हिरासत में मौतों और ऑनर किलिंग की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने हिरासत में होने वाली मौतों के लिए पुलिस की मानसिकता को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अब भी कई मामलों में औपनिवेशिक दौर की ताकतवर व्यवस्था की तरह व्यवहार करती है और पूछताछ के दौरान क्रूर तथा थर्ड-डिग्री तरीकों का इस्तेमाल करती है।
कांस्टेबल से DGP तक पुलिस प्रशिक्षण बदलने की मांग
उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण मैनुअल में पूरी तरह बदलाव की जरूरत बताई। कार्ति ने कहा कि कांस्टेबल से लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) तक सभी पुलिसकर्मियों को मनोवैज्ञानिक और संवेदनशीलता संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पुलिस व्यवस्था में बुनियादी बदलाव के बिना हिरासत में होने वाली हिंसा और मौतों पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।
‘ऑनर किलिंग सामाजिक समस्या, जाति की दीवार खत्म करनी होगी’
ऑनर किलिंग को कार्ति ने सामाजिक समस्या बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों को इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं को तभी खत्म किया जा सकता है जब समाज में आपसी सौहार्दपूर्ण संबंध मजबूत हों और जातिगत भेदभाव को समाप्त किया जाए।
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विधायकों की गाड़ियों पर दिल्ली मॉडल का दिया सुझाव
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की ओर से विधायकों के लिए निजी वाहनों की घोषणा के विकल्प के तौर पर कार्ति ने दिल्ली के संसदीय पूल मॉडल का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिन सांसदों के पास अपनी कार नहीं होती, उन्हें संसदीय पूल के जरिए परिवहन की सुविधा दी जाती है। इसी तरह की व्यवस्था तमिलनाडु में भी अपनाई जा सकती है।