अमेरिकी ऑनलाइन भुगतान गेट-वे पेपल पर भारत की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) ने काला धन सफेद करने में अपने प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग का आरोप लगाया। साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में इससे संबंधित सीलबंद दस्तावेज ऑन रिकॉर्ड रखने की अनुमति मांगी। जस्टिस रेखा पल्ली ने एफआईयू की अर्जी पर अगली सुनवाई 11 जनवरी को रखी है।
एफआईयू ने पेपल पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए 96 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ पेपल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई में एफआईयू के वकील ने यह आरोप लगाए। वहीं पे-पैल के वकील ने कहा कि उनकी कंपनी एक इंटरमीडियरी के तौर पर काम कर रही है, सीलबंद दस्तावेज कोर्ट के साथ उसे भी दिए जाने चाहिए।
क्या है मामला
एफआईयू ने कहा मार्च 2018 में पेपल को सरकारी एजेंसी में रिपोर्ट करने और अपने प्लेटफॉर्म पर हुए सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखने के लिए कहा गया। एफआईयू के अनुसार उसने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया, सरकारी एजेंसी में रिपोर्ट करने से इनकार किया। वहीं पेपल ने खुद को केवल एक ऑनलाइन पेमेंट गेट-वे सेवा देने वाली कंपनी बताया, आरबीआई की वित्तीय संस्थानों की परिभाषा से खुद को अलग माना।